Гар кибр бихӯрадаам ки сармасти туам
گر کبر بخوردهام که سرمست توام
Мштоби бкштнм ки дар дасти туам
مشتاب بکشتنم که در دست توام
Гуфтӣ ки замин ҳақ фарохаст фарох
گفتی که زمین حق فراخست فراخ
эй ҷон ба куҷои рӯм ки дар дасти туам
ای جان به کجا روم که در دست توام