Куҷои қосид барам бо номаи он длстон ояд

کجا قاصد برم با نامه آن دلستان آید

Ба бахти ман сабо бе буии гул аз гулистон ояд

به بخت من صبا بی بوی گل از گلستان آید

Аз он номи ту доим бар забон дорам кигар як дам

از آن نام تو دایم بر زبان دارم که گر یک دم

Шавам хомаш надорам сабр каз дил бар забон ояд

شوم خامش ندارم صبر کز دل بر زبان آید

Дами мурдани з мурдан нестам ғамгин , аз он тарсам

دم مردن ز مردن نیستم غمگین، از آن ترسم

Ки гирдами хоку пайконати бурун аз устихон ояд

که گردم خاک و پیکانت برون از استخوان آید

Зхўии нозукати ҷонои чунон андеш нокам ман

زخوی نازکت جانا چنان اندیش ناکم من

Кигар бо худ сухан гӯям турои тарсам зиён ояд

که گر با خود سخن گویم ترا ترسم زیان آید