Рӯз аввал бошад аз моҳи ҷалолии ҷашни соз

روز اول باشد از ماه جلالی جشن‌ساز

Рӯзи дувум « разм на » дони рӯзи сеюм сарфароз

روز دوم «رزم نه» دان روز سوم سرفراز

Каш нишину нўшхўору ғмздо ва рух фурӯз

کش‌نشین و نوشخوار و غمزدا و رخ‌فروز

Моли бахшу зарфишону номҷўӣ эй длнўоз

مال‌بخش و زرفشان و نامجوی ای دلنواز

Разми гиру кӣнаи каши пас теғи зан ҳам дод даҳ

رزم‌گیر و کینه‌کش پس تیغ‌زن هم دادده

Дайнпажӯҳу диўбнду раҳи гушой ва асб тоз

دین‌پژوه و دیوبند و رهگشای و اسب‌تاز

Гӯии бозу пойдору меҳри кору дӯсти байн

گوی‌باز و پایدار و مهرکار و دوست‌بین

Ҷон физойу длФрибу Комрони бишумори боз

جان‌فزای و دلفریب و کامران بشمار باز

Шодбошу дирзии пас шери гиру комёб

شادباش و دیرزی پس شیرگیر و کامیاب

Шаҳриёраст охирин рӯзи ин бути чину тароз

شهریار است آخرین روز ای بت چین و طراز