Чу рафт барбод задаст бедод
چو رفت برباد زدست بیداد
Шиори наргиси изори сунбул
شعار نرگس عذار سنبل
Фиғон бар омад зи сарву шамшод
فغان بر آمد ز سرو و شمشاد
Хурӯш бархест зи лолау гул
خروش برخاست ز لاله و گل
Шуданд мурғон ба сӯгворӣ
شدند مرغان به سوگواری
зи дидаи сайли сиришки ҷорӣ
ز دیده سیل سرشک جاری
Фитод дар дашти хурӯсу зорӣ
فتاد در دشت خروس و زاری
Баромад аз боғи нафиру ғулғул
برآمد از باغ نفیر و غلغل
Шикасти насрини бадасти ёра
شکست نسرین بدست یاره
Шақоӣқ афрӯхт ба дили шарора
شقایق افروخت به دل شراره
Саман гиребон намӯд пора
سمن گریبان نمود پاره
Бунафша багушӯд гиреҳи зи кокул
بنفشه بگشود گره ز کاکل
Дар ин мусӣбат ки дид сардор
در این مصیبت که دید سردار
зи чарх бе меҳри зи даҳри ғаддор
ز چرخ بی مهر ز دهر غدار
Магар наад рухи бхоки дилдор
مگر نهد رخ بخاک دلدار
Бдомн сабр кунад тавассул
بدامن صبر کند توسل
Агар бар уфтад зи доғи фарзанд
اگر بر افتد ز داغ فرزند
Яке шарора ба кӯҳи алванд
یکی شراره به کوه الوند
Ҳамеи ту гӯйии зи реша худ кунад
همی تو گویی ز ریشه خود کند
з бскаҳ уфтад дар ӯ тазалзул
ز بسکه افتد در او تزلزل
Гараш фишонӣ бсхри смо
گرش فشانی بصخر صما
Вагар чашонӣ ба кӯҳи хоро
وگر چشانی به کوه خارا
На схр смо шавад шикеб
نه صخر صما شود شکیبا
На кӯҳ хоро кунад таҳаммул
نه کوه خارا کند تحمل
Чу мо надорем хабари зи ҳикмат
چو ما نداریم خبر ز حکمت
Сабур бошем ба ҳар мусӣбат
صبور باشیم به هر مصیبت
Ки доданаш ҳаст атоу раҳмат
که دادنش هست عطا و رحمت
Гирифтанаш низ буд тФзл
گرفتنش نیز بود تفضل
Мтози мураккаб дар ин мароҳил
متاز مرکب در این مراحل
Мҷуи иқомат дар ин манозил
مجو اقامت در این منازل
Ки соғари ғам дар ин сҳорӣ
که ساغر غم در این صحاری
Гуҳӣ бадӯрасту гуҳи тасалсул
گهی بدور است و گه تسلسل
Мгир бар хеши замонаро сахт
مگیر بر خویش زمانه را سخت
Мабош ғарра ба давлату бахт
مباش غره به دولت و بخت
Канор ин равад чаҳ густарии рахт
کنار این رود چه گستری رخت
Ту низ хоҳии гузаштан аз пул
تو نیز خواهی گذشتن از پل
Баҷо намонад дар ин бару бум
بجا نماند در این بر و بوم
На ахтари саъд на толеъ шавам
نه اختر سعد نه طالع شوم
На меҳтари чин на қайсари рӯм
نه مهتر چین نه قیصر روم
На моҳи хлх на шоҳи кобул
نه ماه خلخ نه شاه کابل
Ҳусайн таърих наҳуфт дар қабр
حسین تاریخ نهفت در قبر
Падари з доғаш гирист чун абр
پدر ز داغش گریست چون ابر
Вале занад дасти бдомни сабр
ولی زند دست بدامن صبر
Ксикаҳ дорад баҳақи таваккул
کسیکه دارد بحق توکل
зи доғи пари дӯди фазои бустон
ز داغ پر دود فضای بستان
Баҳори шодӣ шудаи зимистон
بهار شادی شده زمستان
Гулӣ сафар кард азин гулистон
گلی سفر کرد ازین گلستان
Ки дар азояш гирист булбул
که در عزایش گریست بلبل
зи сӯги он ма дўдидаҳ дарёст
ز سوگ آن مه دودیده دریاست
Бадали шарора бсинаҳ савдост
بدل شراره بسینه سوداست
Дили замона зснг хорост
دل زمانه زسنگ خاراست
Агар насузад балои тааммул
اگر نسوزد بلا تامل
Синӣни умраши чаҳордаҳ буд
سنین عمرش چهارده بود
Ба чархи дониши ду ҳафтаи ма буд
به چرخ دانش دو هفته مه بود
Ду тани рафиқаши даруни раҳ буд
دو تن رفیقش درون ره بود
Яке тафаккури яке таъаққул
یکی تفکر یکی تعقل
Амӣрии он сӯги дамӣ ки бшнФт
امیری آن سوگ دمی که بشنفت
Дилаш ҳаме шуд бисӯзу ғами ҷуфт
دلش همی شد بسوز و غم جفت
Даруни гулзор ба булбулон гуфт
درون گلزار به بلبلان گفت
Барои таърихи дареғи азин гул
برای تاریخ دریغ ازین گل