Дил чу кӯҳ аз ҳасрати лаъли ту хунашад чун кунам

گرچه در رسم ادب از دگران کم نشدیم

Солҳо бояд ки ин ҳасрати зи дил берун кунам

تا ندیدیم سگ کوی تو آدم نشدیم

Гарна расво созадам буии муҳаббати нофаи вор

آه ازین گرمی بازری که پروانه صفت

Пӯсти дарушам чу оҳӯи шева маҷнӯн кунам

سوخت شمع تو صد از ما و یکی کم نشدیم

Гар бақадр гиряи обам дар ҷигар бошад чу абр

بجز از مردمیی کاهوی چشم تو نمود

Он қадр гарем ки кӯҳу даштро Ҷайҳун кунам

هرگز آسوده دل از مردم عالم نشدیم

Гуҳи гуҳӣ дар кунҷи ғам аз гиряи созами дили тиҳӣ

دیگران یار تو و ما بگدایی راضی

Бозоими сӯии он бдхўу дили пар хӯн кунам

بخت بد یار نشد آخر و آنهم نشدیم

Сӯхтам чун аҳлии лаби ташна ёрб раҳм кун

گرچه بیدین و دل از عشق چو صنعان گشتیم

Беш азин аз чашмаи ҳайвони сабурӣ чун кунам

لله الحمد کز اقبال تو بیغم نشدیم