Дил агар кӯҳ шавад ошиқи ҷонбози ту ро
دل اگر کوه شود عاشق جانباز تو را
Ба фиғон ояд агар башаванд овози ту ро
به فغان آید اگر بشنود آواز تو را
Сарви нозии ту ва дар куштанам аз ишва гарӣ
سرو نازی تو و در کشتنم از عشوهگری
намекунӣ ноз ки қурбон шавам ин нози тўро
میکنی ناز که قربان شوم این ناز تو را
Оҳ аз ин дард ки аз чашми рақибони ҳасуд
آه از این درد که از چشم رقیبان حسود
Сайр дидан натавон наргиси ғаммози тўро
سیر دیدن نتوان نرگس غماز تو را
Сарвро ларза бар андоми зи ршг ту фитад
سرو را لرزه بر اندام ز رشک تو فتد
Гар сабо васф кунад сарви сарафрози тўро
گر صبا وصف کند سرو سرافراز تو را
То ту эй оҳӯии мишкӣн шуда ӣӣ ҳамдами дил
تا تو ای آهوی مشکین شدهای همدم دل
Дам бибастам ки касе паии набарди рози тўро
دم ببستم که کسی پی نبرد راز تو را
Шҳсўоро чаҳ сагами ман ки туро сайд кунам
شهسوارا چه سگم من که تو را صید کنم
Бахтами ин бас ки дилам туъма шавад бози тўро
بختم این بس که دلم طعمه شود بازِ تو را
Накунад айби ту аз хонаи харобии аҳлӣ
نکند عیب تو از خانه خرابی اهلی
Ҳар ки бинад назарии хона бар андоз тўро
هر که بیند نظری خانه برانداخت تو را