эй сунбули зулфи сияҳати чини ҳама бар чин
در دلم از تو گره به که گشاد از دگران
Аз доғ ту шуд нофаи ҷигари сӯхта дар чин
نامرادی ز تو خوشتر که مراد از دگران
Бо муддаӣон нест ҷузи олоиши доман
گر بطالع ز حریفان تو یکذره کمیم
Домони худ аз суҳбат аинтоиФаҳ барчин
شکر ایزد که به مهریم ز یاد از دگران
Маҷнӯн сифатам дид сегон саф зада гирдам
خوبرویان همه در جلوه حسن اند ولی
Гуфто бирав аз кӯии ман ин маърака барчин
کی شود عاشق غمگین تو شاد از دگران
эй зулф бар он сарв чаҳ пайчи ки маро гуфт
تو مرا میکشی از جور فلک چون نالم
Каз шохи умеди ман длсўхтаҳ барчин
نتوان زد بجفاهای تو داد از دگران
Поси гул рӯй ту муродаст ки доим
از تو گر سر کشد ایچشمه حیوان اهلی
Дар дида аҳлӣаст зи хор мижа барчин
تشنه لب میرد و سیراب مباد از دگران