Ман кӣми хастаи дилии ҳоли дигаргун шуда Эй
آدم و گندم، من و خال لب جانانهای
Бедилии сӯхтае ошиқи маҷнӯн шуда Эй
من نه آن مرغم که در دام آردم هر دانهای
Изтироби ман дармонда гирён донад
درنگیرد صحبت من با دم ارباب عقل
Ҷон ба лаби омадае ғарқаи Ҷайҳун шуда Эй
هم مگر در جوشم آرد آتش دیوانهای
Гиряам бинӣ ва худро надиҳӣ ҳеҷ бар он
سوختم از صلح و جنگت همچو آتش تا به کی
Каз куҷо мекунад ин гиряи ҷигари хӯн шуда Эй
گه برافروزی چراغی گه بسوزی خانهای
эй ки срҳлқаҳи базми тарабии ёд овар
باده می باید که صافی باشد و ساقی لطیف
Ҳамчуи ман бе касе аз доираи берун шуда Эй
بزم شاهی گر نباشد گوشهٔ ویرانهای
Рӯй зард аз чаҳ сифат сурх бибинад аҳлӣ
پیش از آن اهلی که خواب واپسین گیرد ترا
Магар ойӣна кунад чеҳраи гулгун шуда Эй
حالیا از عشق او فرصت شمار افسانهای