Май хур ки фалаки нақди бақои мидздд

می خور که فلک نقد بقا میدزدد

Нур аз дил ва аз чеҳраи сафои мидздд

نور از دل و از چهره صفا میدزدد

Икдм набӯд ки нест дар ғорати мо

یکدم نبود که نیست در غارت ما

Солу мау рӯзу шаби зи мо мидздд

سال و مه و روز و شب ز ما میدزدد