Биор ончии дили мо ба икдгри кшдо
بیار آن چه دلِ ما به یکدگر کَشَدا
Ба сари каши ончии балоу ?илам ба сари кшдо
به سر کش آن چه بلا و اَلَم به سر کشدا
Ғуломи соқии хуи ишм ки бомдоди пагоҳ
غلامِ ساقیِ خویشم که بامدادِ پگاه
Марои зи машриқи хами офтоби бркшдо
مرا ز مشرقِ خُم، آفتابْ برکشدا
Чу теғи бодаи броҳиҷм аз миёни қадаҳ
چو تیغِ باده برآهیجم از میانِ قدح
Замона бояд то пеши ман сипари кшдо
زمانه باید تا پیشِ من سپر کشدا
Чаҳ зару сим ва чаҳ хошоки пеши ман он рӯз
چه زَرّ و سیم و چه خاشاکْ پیشِ من، آن روز
Ки аз миёна ӣ симоби оби зари кшдо
که از میانهٔ سیماب، آبِ زَر کشدا
Хушаст мастӣ ва он рӯзгор бе хабарӣ
خوش است مستی و آن روزگارِ بیخبری
Ки чархи ғошияи мард бе хабари кшдо
که چرخ، غاشیهٔ مَردِ بیخبر کشدا
Дар нишаст ман онгаҳ кушода тар бошад
درِ نشستِ من آن گه گشادهتر باشد
Ки масти гирдаму соқии маро ба дар кшдо
که مست گردم و ساقی مرا به در کشدا
Агар ба соғари дарёи ҳазор бодаи кашам
اگر به ساغرِ دریا هزار باده کشم
Ҳануз ҳиммати ман соғар дигар кшдо
هنوز همتِ من ساغرِ دگر کشدا