Ҷоно ба ғрибстон чандин бинмоанд кас

جانا به غریبستان چندین بنماند کس

Бози ой ки дар ғурбати қадар ту надонад кас

باز آی که در غربت قدر تو نداند کس

Сад нома фиристодам як номаи ту номад

صد نامه فرستادم یک نامهٔ تو نامد

Гӯйии хабари ошиқ ҳаргиз нарасонад кас

گویی خبر عاشق هرگز نرساند کس

Дар пеши рухи хубат хуршед найафурӯзад

در پیش رخ خوبت خورشید نیفروزد

Дар пеши саворони хар ҳаргиз баниранд кас

در پیش سواران خر هرگز بنراند کس

Ҳар кӯи з май васлати як ҷоми бёшомд

هر کو ز می وصلت یک جام بیاشامد

То зинда буд ӯро ҳушёр нахонд кас

تا زنده بود او را هشیار نخواند کس