Қртаҳ бигушоӣ ва замонӣ биншин беш магӯӣ
قُرطه بگشای و زمانی بنشین بیش مگوی
Рӯй бинмоӣ ки имрӯз чунин дорад рӯй
روی بنمای که امروز چنین دارد روی
Дар узру гиреҳ мӯӣ бабанд ва бигушоӣ
درِ عذر و گرهِ موی ببند و بگشای
Ки пазироӣ гиреҳ шуд танам аз мӯя чу мӯӣ
که پذیرایِ گره شد تنم از مویه چو موی
эй шудаи пои дилами обила дар ҷустан ту
ای شده پایِ دلم آبله در جستن تو
Чун ба даст омадӣам дили бунау ҷусти мҷўӣ
چون به دست آمدیام دل بنه و جست مجوی
Санги ишқи ту чу бишикаст сабуии дили ман
سنگِ عشقِ تو چو بشکست سبویِ دلِ من
Боз бояд задани охир ба ҳам ин сангу сабуӣ
باز باید زدن آخر به هم این سنگ و سبوی
Анварӣ пой нахоҳад зи гули ишқи ту шаст
انوری پای نخواهد ز گلِ عشقِ تو شست
Гар ту зу даст башуе чаҳ кунам даст бишӯй
گر تو زو دست بشویی چه کنم دست بشوی