Дӯши давр аз ту эй мудаббири ақл

دوش دور از تو ای مدبر عقل

На ба тадбири ақли дурандеш

نه به تدبیر عقل دوراندیش

Пешат аз гӯнаи гӯна бе нафасӣ

پیشت از گونه گونه بی‌نفسی

Ки нигуни боди нафаси коФркиш

که نگون باد نفس کافرکیش

Кардаам онкии ёди он имрӯз

کرده‌ام آنکه یاد آن امروز

намекунад ҷонам аз хиҷолати риш

می‌کند جانم از خجالت ریش

Ҳеҷ доне чигуна хоҳам гуфт

هیچ دانی چگونه خواهم گفت

Узр май хӯрдагӣу мастии хеш

عذر می خوردگی و مستی خویش