Ба ҳамду сано чун кунам рои назмӣ
به حمد و ثنا چون کنم رای نظمی
На душвор гӯям на осон фиристам
نه دشوار گویم نه آسان فرستم
Валикин ба ҳомии ҷаноби ҳамидӣ
ولیکن به حامی جناب حمیدی
Агар ваҳй бошад ҳаросон фиристам
اگر وحی باشد هراسان فرستم
зи фазл ва ҳунар чист кон нест ӯ ро
ز فضل و هنر چیست کان نیست او را
Бигӯ то марогар буд он фиристам
بگو تا مرا گر بود آن فرستم
Ҳаме шарм дорам ки пои малах ро
همی شرم دارم که پای ملخ را
Сӯии боргоҳ сулаймон фиристам
سوی بارگاه سلیمان فرستم
Ҳамеи тарсам аз решханди раёҳин
همی ترسم از ریشخند ریاحین
Ки хори муғелон ба бустон фиристам
که خار مغیلان به بستان فرستم
Ману қатрае чанд сўӣри сбоъм
من و قطرهای چند سوئر سباعم
Чаҳ гӯйӣ ки бар об ҳайвон фиристам
چه گویی که بر آب حیوان فرستم
Ману заррае чанд хоки заминам
من و ذرهای چند خاک زمینم
Чаҳ гӯйӣ ки бар чарх кайвон фиристам
چه گویی که بر چرخ کیوان فرستم
Ба обонгар аз накҳати миваи бодӣ
به آبان گر از نکهت میوه بادی
Насимии бдздм ба Нитсаон фиристам
نسیمی بدزدم به نیسان فرستم
Чаҳ фармое аз садумати сангу оҳан
چه فرمایی از صدمت سنگ و آهن
Дурахшӣ ба хуршед рахшон фиристам
درخشی به خورشید رخشان فرستم
Ҳамаи равзаи ман ҳашишаст яксар
همهٔ روضهٔ من حشیش است یکسر
Шавам дастаи бандам ба ризвон фиристам
شوم دسته بندم به رضوان فرستم
Ҳамаи луқма Эй нест бар хон табъам
همه لقمهای نیست بر خوان طبعم
Каз он зулае пеш луқмон фиристам
کز آن زلهای پیش لقمان فرستم
Крои гирд доман сазад гӯии гардун
کرا گرد دامن سزد گوی گردون
Буриши тӯҳфаи гӯй гиребон фиристам
برش تحفهگوی گریبان فرستم
Касеро ки нўбоўаҳ ваҳй дорад
کسی را که نوباوهٔ وحی دارد
Бақоёии васвос шайтон фиристам
بقایای وسواس شیطان فرستم
Сухан ҳаст фарзанди ҷонами валикин
سخن هست فرزند جانم ولیکن
Халаф менаёяд магар ҷон фиристам
خلف مینیاید مگر جان فرستم
На шеъраст саҳараст аз он ме наёрам
نه شعرست سحرست از آن مینیارم
Ки наздики Мӯсо умрон фиристам
که نزدیک موسی عمران فرستم
Ғарази зин сухан чист то чанд гӯям
غرض زین سخن چیست تا چند گویم
Фалонро ҳамеи пеш баҳмон фиристам
فلان را همی پیش بهمان فرستم
Ба маъбуди тайону мамдуҳи ҳисон
به معبود طیان و ممدوح حسان
Агар жожи тайон ба ҳисон фиристам
اگر ژاژ طیان به حسان فرستم
Баҳонааст ин чанд байти арнаҳи ҳошо
بهانه است این چند بیت ارنه حاشا
Ки ман зераи ҳаргиз ба Кирмон фиристам
که من زیره هرگز به کرمان فرستم
Фиристода шуд гарчи некӯ набошад
فرستاده شد گرچه نیکو نباشد
Ки зангори оҳани сӯй кон фиристам
که زنگار آهن سوی کان فرستم
з кам донишии гови гардуни чубин
ز کم دانشی گاو گردون چوبین
Бар шери гардун гардон фиристам
بر شیر گردون گردان فرستم
Вагарна чаро бо чу рустами саворӣ
وگرنه چرا با چو رستم سواری
Чунин хари саворӣ ба майдон фиристам
چنین خر سواری به میدان فرستم