Мейри Юсуфи сухани дарози макаш

میر یوسف سخن دراز مکش

Вақт май байн чигуна кӯтоҳаст

وقت می‌بین چگونه کوتاهست

Гарчи мустағнӣам аз ин савганд

گرچه مستغنیم از این سوگند

Ҳақи таъолии гувоҳ ва огоҳаст

حق تعالی گواه و آگاهست

Кини чунин ҷӯад агар баҳақи гӯйӣ

کین چنین جود اگر بحق گویی

На сазовори он чунон ҷоҳаст

نه سزاوار آن چنان جاهست

Роҳи он ҳеҷ гӯна ме нарӯй

راه آن هیچ گونه می‌نروی

Кини ҷавони мард бар сар роҳаст

کین جوان مرد بر سر راهست

То нагӯйӣ ки инат толиби сим

تا نگویی که اینت طالب سیم

Каҳрабо низ ҷозиб коҳаст

کهربا نیز جاذب کاهست

Эҳтиёҷ заруратӣ машумор

احتیاج ضرورتی مشمار

Инак иштибоҳро ба иштибоҳаст

اینک اشتباه را به اشتباهست

Гар туе Юсуфи замона чаро

گر تویی یوسف زمانه چرا

Дили ман зи интизор дар чоҳаст

دل من ز انتظار در چاهست

Вари манам мътии сухани з чаҳ рӯй

ور منم معطی سخن ز چه روی

Ба атои номи ту дар афвоҳаст

به عطا نام تو در افواهست

Зончнони байтҳо ки касро нест

زانچنان بیتها که کس را نیست

Каз паии пнч донг панҷоҳаст

کز پی پنچ دانگ پنجاهست

Ҳош ллаҳ мабод яъне ҳаҷв

حاش لله مباد یعنی هجو

Ростии ҷои ҳош ллаҳ аст

راستی جای حاش لله است

Дӯши байтии ду май трошидм

دوش بیتی دو می‌تراشیدم

Хирадам гуфт хез бе гоҳаст

خردم گفت خیز بی‌گاهست

Ин як имшаб макун ба қавли ҳаво

این یک امشب مکن به قول هوا

Кист кўрои ҳаво накӯ хоҳаст

کیست کورا هوا نکو خواهست

Бӯ ки фардои вагарна бо ин азм

بو که فردا وگرنه با این عزم

То ба фардои ҳашар зин моҳаст

تا به فردای حشر زین ماهست

Ҳону ҳон беш аз ин наме гӯям

هان و هان بیش از این نمی‌گویم

Шер дар хашму риштаи иктоҳст

شیر در خشم و رشته یکتاهست

Рӯзи тӯфону бод ҳзм накӯаст

روز طوفان و باد حزم نکوست

Хоссаи онро ки хона харгоҳаст

خاصه آنرا که خانه خرگاهست