Даврами зи қарору хоб аз даврии ту

دورم ز قرار و خواب از دوری تو

Вази парда бурун шудам ба мастурии ту

وز پرده برون شدم به مستوری تو

Гӯйӣ ки крости барги маҳҷӯрии ман

گویی که کراست برگ مهجوری من

Ангушт ба худ кашам ба дастурии ту

انگشت به خود کشم به دستوری تو