Дар сояи он зулфи мушавваш ки турост

در سایهٔ آن زلفِ مشوش که تو راست

эй баси дили саргаштаи ғмкш ки турост

ای بس دلِ سرگشتهٔ غم‌کش که تو راست

Май бар дил ва май даҳ ғаму фориғ май рӯ

می‌بر دل و می‌ده غم و فارغ می‌رو

Давр аз дили ман зиҳии дили хуш ки турост

دور از دل من زهی دل خوش که تو راست