То ёри парда аз рух чун моҳ барграфт

تا یار پرده از رخ چون ماه برگرفت

Оташи бҷони ҷумла заррот даргирифт

آتش به جان جمله ذرات درگرفت

Бигушо назар ки нури таҷаллии ҳасани ёр

بگشا نظر که نور تجلی حسن یار

Тобандаи гашту куни вмкон србср гирифт

تابنده گشت و کون و مکان سربه سر گرفت

Рухсор ӯ бинозу киришмаи ҳазор бор

رخسار او به ناز و کرشمه هزار بار

Сад нуктаи рӯбарӯи брхи моҳ ва хур гирифт

صد نکته روبرو به رخ ماه و خَور گرفت

То як назари ҷамол ту бинад асири ишқ

تا یک نظر جمال تو بیند اسیر عشق

Дунёу дайни фидои ҳамон як назар гирифт

دنیا و دین فدای همان یک نظر گرفت

Зоҳид ки тавба кард зи атвори ошиқӣ

زاهد که توبه کرد ز اطوار عاشقی

Рӯят чу дид , ишқ дигар раҳи з сар гирифт

رویت چو دید، عشق دگر ره ز سر گرفت

Ҳасанати зи бҳрҷлўаҳи ҳамеи ҷусти оина

حسنت ز بهر جلوه همی جست آینه

Ҳар сӯ назора кард , сухан дар башар гирифт

هر سو نظاره کرد، سخن در بشر گرفت

Шаҳбози васл ӯ ки наомад бдоми кас

شهباز وصل او که نیامد به دام کس

Бингар асиряш чу з рӯй ҳунар гирифт

بنگر اسیریش چو ز روی هنر گرفت