Сар ки надорад зи ту савдои бгўр
بر دلم قهر و رضای تو لذیذ
Дида ки бинад на биравӣ ту кӯр
بر تنم رنج و شفای تو لذیذ
Не чаҳ хато рафт кадомин сарост
همه اطوار تو زیبا و پسند
Каз намаки лаъл тўош нест шӯр
فرق سر تا کف پای تو لذیذ
Ҷумлаи аволим бтў бошад аён
خواه مهر از تو رسد خواه جفا
Нур рахт гашта ниҳон аз зуҳӯр
مهر تو نغز و جفای تو لذیذ
Дидаи хафоаш чаҳу нури меҳр
چه بسازی چه بسوزی سازیم
Тоқати парвона чаҳ внори тавр
چه ولا و چه بلای تو لذیذ
Мурдаи длоқбри тан хокӣ аст
نسبتم را بسگ در گاهت
Зиндаи шӯ аз ишқу дарой аз қубӯр
خواه لاخواه بلای تو لذیذ
Зини млкотт чаҳ млкҳочаҳи малик
گر برانی ز درت ور خوانی
Тбрзи зоҳсли мо фии алсдўр
خود تو دانی همه رای تو لذیذ
Ин ки ?бирт нур шуд аз зулмат аст
چه گذاری چه نوازی حکمی
Қоидаи босари махрӯти нур
مانی و جمله نوای تو لذیذ
Мояи зулмати зи сувар давр кун
زهر از دست توام نوش بود
То шунӯди гӯши дилати нафхи сувар
درد یعنی که دوای تو لذیذ
эй ки шунидӣ ки аз ӯ нест шар
از تناسب بر اسرار اسرار
Рамзи бонст ки набӯд шарӯр
زان لب نکته سرای تو لذیذ