Бингар ки дилам чаҳ гӯна мазлӯм намӯд
بنگر که دلم چه گونه مظلوم نمود
Гар зулфи ту дар вуҷӯд маъдӯм намӯд
گر زلف تو در وجود معدوم نمود
Гар зулфи турои ҳол парешоне дошт
گر زلف ترا حال پریشانی داشت
Аз рустаи дандони ту манзум намӯд
از رستهٔ دندان تو منظوم نمود