Ваа чаҳ некӯ рӯй ҷонони дилпазир
وه چه نیکو روی جانان دلپذیر
Кас надидам мисли он бадари мунир
کس ندیدم مثل آن بدر منیر
Ман на воқиф буд май эй дӯстон
من نه واقف بود می ای دوستان
Дил маро дуздед баради он бинзир
دل مرا دزدید برد آن بینظیر
Биқрорми сӯз дар ҷонам расед
بیقرارم سوز در جانم رسید
Ва ҳўи олами болиқини мо фии алзмир
و هُو عالم بالیقین ما فی الضمیر
Дар фироқаши сӯзам , оромӣ намонад
در فراقش سوزم، آرامی نماند
Мондаам ҳайрон чу асҳоби алсъир
مانده ام حیران چو اصحاب السعیر
Ёр дар ғами ишқ ту нолад басӣ
یار در غم عشق تو نالد بسی
Бояд ӯро сахт эй ҷонон бигир
باید او را سخت ای جانان بگیر