На чўболои тўсрўӣ буд андари чмно
نه چوبالای توسروی بود اندر چمنا
На кшдФохтаҳи андари чамани афғони чўмно
نه کشدفاخته اندر چمن افغان چومنا
Ба суроғи қдчўни сарв тугар нест зчист
به سراغ قدچون سرو توگر نیست زچیست
Фохтаи ӣнҳама куку занад андари чмно
فاخته اینهمه کوکو زند اندر چمنا
Ғунчаи лаъли туро дида ҳамоно ки занад
غنچه لعل تو را دیده همانا که زند
Чок ҳар субҳдам аз ишқи ту гули пирҳно
چاک هر صبحدم از عشق تو گل پیرهنا
Мункири нуқтаи мавҳум наме гашти ҳаким
منکر نقطه موهوم نمی گشت حکیم
Гар ки меомад вмӣ дид ки дории дҳно
گر که می آمد ومی دید که داری دهنا
Ҳама хонанд туро моҳи внёбнд ки моҳ
همه خوانند تو را ماه ونیابند که ماه
На сухан гӯаст на злФинш буд пршкно
نه سخن گوست نه زلفینش بود پرشکنا
Ҳама донанд туро сарв ва ндонанд ки сарв
همه دانند تو را سرو و ندانند که سرو
На чмидн чу ту дорад на бўдсимтно
نه چمیدن چو تو دارد نه بودسیمتنا
Хостами ишқи туро фош насозам дидам
خواستم عشق تو را فاش نسازم دیدم
Достонӣаст ки гӯйанд ба ҳар анҷмно
داستانی است که گویند به هر انجمنا
Зулфи таррори ту дузди дилам ар нест з чист
زلف طرار تو دزد دلم ار نیست ز چیست
Шудаи ларзону парешону асири рсно
شده لرزان و پریشان و اسیر رسنا
Ман агар дил ба сари зулф ту додам чаҳ аҷаб
من اگر دل به سر زلف تو دادم چه عجب
Ту барии дайну дил аз дасти Увайси қрно
تو بری دین و دل از دست اویس قرنا
Ҷомаи меҳри ту ҳошо ки зтн давр кунам
جامه مهر تو حاشا که زتن دور کنم
Магари он рӯз ки пӯшанд ба ҷисмами кФно
مگر آن روز که پوشند به جسمم کفنا
Чун миёнати з миён рафт баланди иқболат
چون میانت ز میان رفت بلند اقبالت
Аз миён ту биёмад ба миён чун схно
از میان تو بیامد به میان چون سخنا