То боғами ишқи ту ҳам овоз шудам

تا باغم عشق تو هم آواز شدم

Сад бораи зиёдат ба адам боз шудам

صد باره زیادت به عدم باز شدم

зи он сӯии адам низ басии паймӯдам

ز آن سوی عدم نیز بسی پیمودم

« розӣ » будам кунун ҳама роз шудам

«رازی» بودم کنون همه راز شدم