Соқио мавсим онаст ки менӯш кунем
ساقیا موسم آنست که می نوش کنیم
Меҳнати гардиши айём фаромӯш кунем
محنت گردش ایام فراموش کنیم
Хез чун дар чаман афтод зи булбули ғулғул
خیز چون در چمن افتاد ز بلبل غلغل
Қлқли булбуларо як нафасӣ гӯш кунем
قلقل بلبله را یک نفسی گوش کنیم
Дўсткомии ҳама бо ёр калладор хӯрем
دوستکامی همه با یار کلهدار خوریم
Айш дар сояи он сарви қабо пӯш кунем
عیش در سایه آن سرو قبا پوش کنیم
Дар даҳ он ратли гарон то сабк аз қӯт май
در ده آن رطل گران تا سبک از قوت می
Ақлро волау саргашта ва мадҳуш кунем
عقل را واله و سرگشته و مدهوش کنیم
Аз сар мо наравад то бқёмти мастӣ
از سر ما نرود تا بقیامت مستی
Гар май аз соғари лаъли лаби ту нӯш кунем
گر می از ساغر لعل لب تو نوش کنیم
То бкии деги ҳавас аз паии меҳмони хаёл
تا بکی دیگ هوس از پی مهمان خیال
Бар сари оташи савдои ту пар ҷӯш кунем
بر سر آتش سودای تو پر جوش کنیم
Рӯзҳо даст задем аз ғами ишқат бар сар
روزها دست زدیم از غم عشقت بر سر
Бомидӣ ки шабӣ бо ту дар оғӯш кунем
بامیدی که شبی با تو در آغوش کنیم
Кисвати ҳасан чу бар қади ту ороста анд
کسوت حسن چو بر قد تو آراسته اند
То қиёмати илми ишқи ту бар дӯш кунем
تا قیامت علم عشق تو بر دوش کنیم
Хез бо ибни ямини шод бъшрт биншин
خیز با ابن یمین شاد بعشرت بنشین
То нишоту тараби имрӯз ба аз дӯш кунем
تا نشاط و طرب امروز به از دوش کنیم