Спҳрои ман аз гардишати фориғам

سپهرا من از گردشت فارغم

Маро кӣ туоне ки ғамгин кунӣ

مرا کی توانی که غمگین کنی

На наем ки бар баста бошам камар

نه نایم که بر بسته باشم کمر

Бидон то марои ком ширин кунӣ

بدان تا مرا کام شیرین کنی

На наргис ки сари пешати орми фурӯд

نه نرگس که سر پیشت آرم فرود

Гарми афсару тоҷ заррин кунӣ

گرم افسر و تاج زرین کنی

Гирифтам ки айвони қасри маро

گرفتم که ایوان قصر مرا

зи хишти зару нуқраи пар чин кунӣ

ز خشت زر و نقره پر چین کنی

Нмёрздми ин тнъм бидон

نمیارزدم این تنعم بدان

Ки дар охирами хишт болин кунӣ

که در آخرم خشت بالین کنی