Ки барфурӯхт бамии чеҳраи офтоби маро

که برفروخت به می چهر آفتاب مرا

Ки сохт тез бар оташи дили кабоби маро

که ساخت تیز بر آتش دل کباب مرا

Шабӣ ки маст бкошонаҳам фурӯд ояд

شبی که مست به کاشانه‌ام فرود آید

Фириштаи рашки баради маҷлиси шароби маро

فرشته رشک برد مجلس شراب مرا

Нмишўд мижаам гарм азон сабаб ки биноз

نمی‌شود مژه‌ام گرم از آن سبب که به ناز

Кушоди наргиси махмуру басти хоби маро

گشاد نرگس مخمور و بست خواب مرا

Шаҳӣ ки мекунад аз соя ӣ эй гурез

شهی که می‌کند از سایهٔ همای گریز

Чаҳ илтифот кунад манзили хароби маро

چه التفات کند منزل خراب مرا

Буруни хироми бпироҳни каттони имшаб

برون خرام به پیراهن کتان امشب

Ки ончунон асарӣ нест моҳтоби маро

که آنچنان اثری نیست ماهتاب مرا

Серум бурид ва зад оташи чунонкӣ маҳв шудам

سرم برید و زد آتش چنان که محو شدم

Нахост саг ки хӯрд низ хӯни ноби маро

نخواست سگ که خورد نیز خون ناب مرا

Змни гузашту здшмни пиёлаи хости дареғ

ز من گذشت و ز دشمن پیاله خواست دریغ!

Ки ташна будам ва нахурд аз ғурури оби маро

که تشنه بود و نخورد از غرور آب مرا

Шикастаи дил чу фиғонӣ талхком шудам

شکسته دل چو فغانی تلخکام شدم

Ки пушт даст задӣ шукру гулоби маро

که پشت دست زدی شکّر و گلاب مرا