Аз тоб май дигар ба серуми шуъла дар гирифт
از تاب می دگر به سرم شعله در گرفت
Май бози сӯзи оташи моро з сар гирифт
می باز سوز آتش ما را ز سر گرفت
Андари суфоли майкада буд ин магар ки дӯш
اندر سفال میکده بود این مگر که دوش
Дар кунҷи дайр мғбчаҳам ҷом зар гирифт
در کنج دیر مغبچه ام جام زر گرفت
Як ҷом то ба ҳашари бисми буд турфаи байн
یک جام تا به حشر بسم بود طرفه بین
Каз рӯй нозу арбадаи ҷом дигар гирифт
کز روی ناز و عربده جام دگر گرفت
Ҳар кӯи чунин ду ҷон фано зад зи бихўдӣ
هر کو چنین دو جان فنا زد ز بیخودی
Норади бурузи ҳашари сар аз хок барграфт
نارد بروز حشر سر از خاک برگرفت
эй ман ғуломи ҳиммати риндӣ ки баҳр май
ای من غلام همت رندی که بهر می
Нақду хароҷи малики ҷаҳон мухтасар гирифт
نقد و خراج ملک جهان مختصر گرفت
эй шайх агар ту айб кунӣ бут парастем
ای شیخ اگر تو عیب کنی بت پرستیم
Пери Муғон ба мазҳаби куфри ин ҳунар гирифт
پیر مغان به مذهب کفر این هنر گرفت
эй ринди ҷуръаи нӯш ки мипрсӣ аз риё
ای رند جرعه نوش که میپرسی از ریا
Фонии тариқи зоҳиду худбин магар гирифт !
فانی طریق زاهد و خودبین مگر گرفت!