Омад зи насими субҳи буии ту маро
آمد ز نسیم صبح بوی تو مرا
Дар равза намӯд ҷилваи кӯии ту маро
در روضه نمود جلوه کوی تو مرا
Гул дидам ва шуд нишон рӯй ту маро
گل دیدم و شد نشان روی تو مرا
Маълум нашуд валек хуии ту маро
معلوم نشد ولیک خوی تو مرا
Омад зи насими субҳи буии ту маро
آمد ز نسیم صبح بوی تو مرا
Дар равза намӯд ҷилваи кӯии ту маро
در روضه نمود جلوه کوی تو مرا
Гул дидам ва шуд нишон рӯй ту маро
گل دیدم و شد نشان روی تو مرا
Маълум нашуд валек хуии ту маро
معلوم نشد ولیک خوی تو مرا