Бо дӯст чаҳ кори толиби савдо ро

با دوست چه کار طالب سودا را

Бо серума чаҳ кори чашми нобӣно ро

با سرمه چه کار چشم نابینا را

Ранҷидаи дилами зи ақли бегонаи параст

رنجیده دلم ز عقل بیگانه‌پرست

Кӯ май ки ба ошнои расонади мо ро

کو می که به آشنا رساند ما را