Як нафаси худро зи ғами озод мебояд гирифт
سر رفت و داغ عشق بتان از سرم نرفت
Сарфае аз умр бебунёд мебояд гирифт
تن خاک گشت و خلعت غم از برم نرفت
Ҳалқаи фитрокро дар гӯш мебояд кашид
از داغ دل سیاهی دیرینه برنخاست
Серума аз гирди раҳи сайёд мебояд гирифт
این تیرگی ز ناصیة اخترم نرفت
Завқ хандидани ?герати ангушт бар лаб ме занад
چون تیغ کار کرده که افتد ز آب و تاب
Хештанро ҳамчуи гул бар бод мебояд гирифт
آبم تمام رفت ولی جوهرم نرفت
Дар муҳаббат бо дилӣ аз шишаи нозуктар ки ҳаст
در موجخیز لجّة عشق تو بارها
Ҷони оҳани синаи фӯлод мебояд гирифт
کشتیِّ دل شکسته شد و لنگرم نرفت
Пои тадбир муҳаббат мерасад охир ба санг
صد بار سوخت آتش عشقم به امتحان
Ғайритӣ аз тешаи Фарҳод мебояд гирифт
یاقوتوار آب تو از گوهرم نرفت
Дар фани ҷонбозии ушшоқи ҳам таълим ҳост
خود را بسی به صیقل روشنگران زدم
Сари хати ин машқ аз устод мебояд гирифт
گرد ملال از آینة منظرم نرفت
Дилбариро шеваҳо ҷузи ҳасан модарзод ҳаст
فیّاض کمعیاری نقد وفا ببین
Шама Эй гуфтам дигарҳо ёд мебояд гирифт
گشتم به دهر دست بدست و زرم نرفت