Шуд баҳор ва ҳар касе ҷое ватан хуш ме кунад

مه را غم هلال تو رنجور می‌کند

Андалеб аз гӯшаҳо кунҷи чаман хуш ме кунад

خورشید بر رخت نظر از دور می‌کند

Дӯдаи ошуфтагиро як халафи ҷуз ман намонад

چشمش نظر ز صفحة آیینه بر نداشت

Сол ҳо шуд тираи бахтии дил ба ман хуш ме кунад

خورشید من مطالعة نور می‌کند

Бенасибӣ нестам дар ҳар фан аз таълими ишқ

لعل تو از تبسّم کوثر سرشت خویش

Хотири мушкили писандаш то чаҳ фан хуш мекунад !

خون در دل حدیث لب حور می‌کند

Аз насимати лолаи марҳам май наад бар доғи хеш

پرویز را معامله با زر نرفت پیش

Гули зи бӯяти захми худро дар чаман хуш ме кунад

فرهادِ هرزه گرد چه با زور می‌کند

То биафтад чашми марҳам бар Рахши файёзи мо

فیّاض موسم گل داغ جنون تست

Доғи худро дар даруни перҳан хуш ме кунад

آمد بهار و مرغ چمن شور می‌کند