Дилам бо зоҳидии дигар ба сад эъзоз нанишинад

آهم سحر چو از دل رنجور شد بلند

Чу ҷуст аз домгоҳии мурғ , дигар боз нанишинад

تا جیب آسمان ز زمین نور شد بلند

Аҷаби дилкаши фазойии олам гум гаштагӣ дорад

آسان مگیر نالة زار مرا به گوش

Ки анқо дар ҳавояши икдм аз парвоз нанишинад

کاین دود دل ز سینه به صد زور شد بلند

зи сад доми таъаллуқи ҷустаи мурғи рӯҳам эй мутриб

در زیر پرده نشتر صد درد می‌خورد

Ки ҷуз бар шохсори нағмаҳои соз нанишинад

این خون نغمه کز رگ طنبور شد بلند

Дили сайдӣ ки аз ҷои рафта бар умеди сайёдӣ

در مجلس تو ما به چه رو سربرآوریم

Ба ҷои худ ҷуз аз овози табл боз нанишинад

خورشید در حوالیت از دور شد بلند

Азин ноҳмдмони мурғи дили Роми хӯрда Эй дорам

عاشق نظاره در دل هر سنگ می‌‌کند

Ки ҷуз бар ошёни чнгл шаҳбоз нанишинад

آن آتشی که از شجر طور شد بلند

Маломати доманӣ май зан бар оташи гӯи ҳамон беҳтар

نام کسی به کوی فنا گم نمی‌شود

Ки ҷӯши гиряҳои орзўпрдоз нанишинад

بر دارِ نیستی سر منصور شد بلند

Нигоҳаш ҷон гирифт аз ман масеҳо кӣ диҳад бозам

فیّاض انتظار قیامت چه می‌کشی!

зи як саҳар ончӣ бархезад ба сад эъҷоз нанишинад

اینک ز سینه طنطنة صور شد بلند