Ба ёди он қоматам аз дидан шамшод ме ояд
نمیخواهم که بوی پیرهن از نزد یار آید
Ба ҳар ҷо рӯй хуши байнами рух ӯ ёд ме ояд
گرفتم دیده روشن کرد، بیرویش چه کار آید!
Ту барги гул ба ин нозуки дилиҳо , чун равои дорӣ !
گل روی بتان را سبزة خط در عقب باشد
Ки ояд аз дилати корӣ ки аз фӯлод ме ояд
بلی در گلستان حسن، گل پیش از بهار آید
Набошад ҳасрати ширини лабонро чораи ҷузи мурдан
ز بوی نو بهارم مرغ دل در اضطراب آمد
Ба гӯшами ин садо аз теша Фарҳод ме ояд
جنونم بگسلد زنجیرها چون گل به بار آید
Кадомин ғунчаро имшаб дигар банд қабо бозаст
ز هجر می خزان چهرة ما رنگ بر رنگ است
Ки хуши буии гул аз таҳрики мавҷ бод ме ояд
بهار نشئهای کو تا به گلگشت خمار آید
Аз он захмӣ ки рӯзӣ бар сар аз бедод ширин хӯрд
ز خواری میتوان عزّتطلب شد غم مخور فیّاض
Ҳануз аз рахнаҳои бесутун фарёд ме ояд
که این بیاعتباریها به کار اعتبار آید