Азин ғайрати марои оҳ аз дили ношод май равед
حرف عقبا را دل آگاهم از دنیا شنید
Ки дар гулшан ба ёди сарв ӯ шамшод май равед
از لب امروز گوشم نغمة فردا شنید
Биё дар бесутуну сӯрати ширин тамошо кун
خو به تنهایی چنان کردم که در شبهای غم
Ки ҳасани онҷои зи оби тешаи Фарҳод май равед
میتوان از آشیانم نالة عنقا شنید
Хушо бум ва бар кӯии муҳаббат каз замини онҷо
چشم پر حرف تو امشب گفت در گوش دلم
Ҳамаи ҷони ҳазину хотири ношод май равед
هر چه خواهد از لب خاموش من فردا شنید
Бҷони сахтии дил аз чанг ғамаш натавон ба дар бурдан
گر به یاد ناله آرم عالمی پر میشود
Гиёҳи меҳр ӯ чун ҷавҳар аз Фўўлод май равед
آنچه گوش ناشنو زان لعل ناگویا شنید
Сиррӣ аз тавқи қамарӣ то бурун кардам аҷаб дорам
پاسبان شد مضطرب امشب چو در زندان غم
Ки дар гулшан чаро сарв аз замини озод май равед !
نالة زنجیر من از دامن صحرا شنید
Ба дил ҳар гуҳи хаёли новаки мижгон ӯ кардам
آشنا با حرف عاشق نیست غیر از گوش یار
Ба ҳар мӯ аз тани ман ханҷари ҷаллод май равед
درد دل در پیش مردم کردم او تنها شنید
Висоли ёри хоҳии нозукӣ аз сари бунаи файёз
رمز عشق و عاشقی فیّاض جز با کس نگفت
Бирав кин сабза аз бум ва бар бедод май равед
در جهان هر کس سرود این نغمه را از ما شنید