Тундаст ёр ва бесабабӣ мекунад ғазаб
تندست یار و بی سببی می کند غضب
Дорад ғазаб ҳамеша бъшоқи зини сабаб
دارد غضب همیشه بعشاق زین سبب
Матлӯбро чу нест мақоми муайянӣ
مطلوب را چو نیست مقام معینی
Ҳаргиз намерасад бенҳоят раҳи талаб
هرگز نمی رسد بنهایت ره طلب
Маълум мешавад ки надорад мазоқи ишқ
معلوم می شود که ندارد مذاق عشق
ӯро ки аз ҳарорат май мерасад тараб
او را که از حرارت می می رسد طرب
Ком аз лабат чигуна биёбанд ҷону дил
کام از لبت چگونه بیابند جان و دل
Дил мерасад бҷони зи ту ҷон мерасад блб
دل می رسد بجان ز تو جان می رسد بلب
Ту чашмаи ҳаётӣ ва мо зулмати фано
تو چشمه حیاتی و ما ظلمت فنا
Аз мо ҳавои васл ту амреаст баси аҷаб
از ما هوای وصل تو امریست بس عجب
Мо толиби ту ва ту гурезони зи қурби мо
ما طالب تو و تو گریزان ز قرب ما
Инаст кори мо ва ту пайвастаи рӯзу шаб
اینست کار ما و تو پیوسته روز و شب
Улфати миёни мо ва ту бисёр мушкил аст
الفت میان ما و تو بسیار مشکل است
Ту дар пас ҳиҷобӣ ва мо дар раҳи адаб
تو در پس حجابی و ما در ره ادب
Чун ғайр мумкинаст фузулии висоли дӯст
چون غیر ممکن است فضولی وصال دوست
Беҳуда чанд дар талабаш май кашии тъб
بیهوده چند در طلبش می کشی تعب