Аҷзои ман чу лолагар аз ҳам ҷудо шавад

اجزای من چو لاله گر از هم جدا شود

Ҳар ҷузви он ба доғ дигар мубтало шавад

هر جزو آن به داغ دگر مبتلا شود

Гуё зи андалеби гирифтаи сети хотираш

گویا ز عندلیب گرفته‌ست خاطرش

Кӯи боди субҳдам ки дили ғунча во шавад

کو باد صبحدم که دل غنچه وا شود

Бегона вор бигузарам аз мардумони чашм

بیگانه‌وار بگذرم از مردمان چشم

Бо дидаам хаёли ту чун ошно шавад

با دیده‌ام خیال تو چون آشنا شود