Бсухтему зи мо ҳеҷ бар наомад дӯд
بسوختیم و ز ما هیچ بر نیامد دود
Ба дард умр шуду нолаи мон касе нашунӯд
به درد عمر شد و ناله مان کسی نشنود
Нафас буриду дил аз меҳр ҳамнафас набаред
نفس برید و دل از مهر همنفس نبرید
Ғунуд бахту дамии ёр дар барам нағунуд
غنود بخت و دمی یار در برم نغنود
Надонад ончии мусулмон ки сангдили приӣӣ
نداند آنچه مسلمان که سنگدل پریئی
Ба кофарии дили мумин муъминӣ бар буд
به کافری دل مومین مومنی بر بود
Ба ғамзаи чашмон бар хӯни ман нбхшоид
به غمزه چشمان بر خون من نبخشاید
Хадангу пайкон бар хӯни сайд кӣ бхшўд
خدنگ و پیکان بر خون صید کی بخشود
зи тоби меҳри саросари танам чу мӯии бкост
ز تاب مهر سراسر تنم چو موی بکاست
Ки дар таниши сари мўӣии зи меҳр ман нафузуд
که در تنش سر موئی ز مهر من نفزود
зи боғи ваъдаи васли Рахш гулӣ нашикуфт
ز باغ وعده وصل رخش گلی نشکفت
Ки хори ҳодисаи рухсори ҷони ман ншхўд
که خار حادثه رخسار جان من نشخود
Шикеб буд ба умеди умри икчндм
شکیب بود به امید عمر یکچندم
Чу гашти мояи умрами зиёни шикеб чаҳ суд
چو گشت مایه عمرم زیان شکیب چه سود
Ба васли вхлўтм умед дод вбори надод
به وصل وخلوتم امید داد وبار نداد
Ба ноумедем ин бори интизор чаҳ буд
به ناامیدیم این بار انتظار چه بود
Ба бӯсӣ аз лаб ӯ розӣам ва он бе раҳм
به بوسی از لب او راضیم و آن بی رحم
Ба ҷону дайну дил аз мо намешавад хушнӯд
به جان و دین و دل از ما نمی شود خشنود