зи чашм аз дили хеш хӯнат хӯрдам
ز چشم از دل خویش خونت خوردم
Азон бо ғами ҷуфт ва аз коми фардам
ازان با غم جفت و از کام فردم
Азин чашму дили об ва рангӣ надидам
ازین چشم و دل آب و رنگی ندیدم
Ба ҷузи ашки хунину рухсори зардам
به جز اشک خونین و رخسار زردم
Чу бо мардуми чашм худ барнатобам
چو با مردم چشم خود برنتابم
Раво нест бо деви мардуми набардам
روا نیست با دیو مردم نبردم
зи хӯни мардуми чашми ман дар шинои бод
ز خون مردم چشم من در شنا باد
Ки бо мардуми ошно рӯй кардам
که با مردم آشنا روی کردم
зи номардумони чашми роҳат чаҳ дорам
ز نامردمان چشم راحت چه دارم
Ки аз мардуми чашми худ ҳам ба дардам
که از مردم چشم خود هم به دردم
Дар ин қаҳти мардум ба найрангу мардӣ
در این قحط مردم به نیرنگ و مردی
Гар аз мардумӣ ранг дидам на мардум
گر از مردمی رنگ دیدم نه مردم
Ба умрии дадӣ ва аждҳоӣӣ набинам
به عمری ددی و اژدهائی نبینم
зи мардуми шабу рӯз бехоб ва хӯрдам
ز مردم شب و روز بی خواب و خوردم
зи бедоди ин ҳафт ва ин чори доим
ز بیداد این هفت و این چار دایم
Чу бар оташи обам чу бар боди гирдам
چو بر آتش آبم چو بر باد گردم
зи чархи дағои бозу даҳри мқомр
ز چرخ دغا باز و دهر مقامر
Зиёнкору мағбуну беҳудаи гирдам
زیانکار و مغبون و بیهوده گردم
Дилам сард шуд ин сару мӯӣ чун барф
دلم سرد شد این سر و موی چون برف
Аз онаст ҳамвора ин боди сардам
از آنست همواره این باد سردم
зи хору хасони чашми нармӣ чаҳ дорам
ز خار و خسان چشم نرمی چه دارم
Ки дар чашму дили ҳамчу хораст вирдам
که در چشم و دل همچو خار است وردم
Азин хон прҷиФаҳ рӯзӣ мабодам
ازین خوان پرجیفه روزی مبادم
Ба ҷуз онкӣ бошад аз он ногзрдм
به جز آنکه باشد از آن ناگذردم
зи Нонаш ба ғайр аз маломат чаҳ дидам
ز نانش به غیر از ملامت چه دیدم
зи хониши бурун аз надомат чаҳ хӯрдам
ز خوانش برون از ندامت چه خوردم
Худоё чу ҳар хўдпрстим магузор
خدایا چو هر خودپرستیم مگذار
Ки гирди саги нафаси аммораи гирдам
که گرد سگ نفس اماره گردم
Азин бади ҳарифами нигаҳдори чндонк
ازین بد حریفم نگهدار چندانک
Бисотӣ ки густарда шуд дарнавардам
بساطی که گسترده شد درنوردم