Сайд аз ҳарам кашад , хами ҷаъди баланди ту
صید از حرم کشد، خم جعد بلند تو
Фарёд аз татовули мишкӣни каманди ту
فریاد از تطاول مشکین کمند تو
Шуд рашки тавр аз омаданати кӯии ошиқон
شد رشک طور از آمدنت کوی عاشقان
Биншин , ки боди хурдаи ҷонҳо сапанди ту
بنشین، که باد خردهٔ جان ها سپند تو
Мушкил шудаи сети кори дил аз ишқу хуши дилам
مشکل شده ست کار دل از عشق و خوش دلم
Шояд расад ба хотири мушкили писанди ту
شاید رسد به خاطر مشکل پسند تو