Рафт онкии дил ба меҳнат , осӯда буд мо ро

رفت آنکه دل به محنت، آسوده بود ما را

Чашм аз фасонаи ғам , шаб меғунуд мо ро

چشم از فسانه غم، شب می غنود ما را

Зини пештари зи чашмам , ҷории ду ҷӯии хӯн буд

زین پیشتر ز چشمم، جاری دو جوی خون بود

Акнӯн ҳазор чашма , аз дил гушӯд мо ро

اکنون هزار چشمه، از دل گشود ما را