Чашмам аз гиряи дӯши носўдст

چشمم از گریه دوش ناسودست

То саҳари гуҳ сиришк полудаст

تا سحر گه سرشک پالودست

Гар нхФтсти чашми ман шояд

گر نخفتست چشم من شاید

Чашм ӯ борӣ аз чаҳ нғнўдст

چشم او باری از چه نغنودست

Рӯзҳо шуд ки он нигорин рӯй

روزها شد که آن نگارین روی

Бмни он рӯй хуб нанамудаст

بمن آن روی خوب ننمودست

Бе сабаби рухи зи ман ниҳон дорад

بی سبب رخ ز من نهان دارد

наменадонам ки ин ки фармудаст

می ندانم که این که فرمودست

Гуфтам аз чашми бади нигаҳи дораш

گفتم از چشم بد نگه دارش

Магари он чашми чашм ман будаст

مگر آن چشم چشم من بودست

Саркашӣ буд одаташи ҳамаи умр

سرکشی بود عادتش همه عمر

Хашму дашноми нав дар афзудаст

خشم و دشنام نو در افزودست

Розӣам гарчи пои бозгрФт

راضیم گرچه پای بازگرفت

Борӣ аз дарди сар бар осудаст

باری از درد سر بر آسودست