Ғамаш дар дили танг мо ме нишинад

غمش در دل تنگ ما می‌نشیند

Надонам бар оташ чаро ме нишинад

ندانم بر آتش چرا می‌نشیند

Дилам низ мустуҷиб ҳар ғамӣ ҳаст

دلم نیز مستوجب هر غمی هست

Ки бар шоҳроҳ бало ме нишинад

که بر شاهراه بلا می‌نشیند

Маро бар сари оташӣ май нишонд

مرا بر سر آتشی می‌نشاند

Чу байнам ки бо носазо ме нишинад

چو بینم که با ناسزا می‌نشیند

Маро гуфт бо дайгарӣ май нишинӣ

مرا گفت با دیگری می‌نشینی

Надонам ки ин бар куҷо ме нишинад

ندانم که این بر کجا می‌نشیند

Камар бар чаҳ бандад надонаднигорам ?

کمر بر چه بندد نداند نگارم؟

Ки ин бор бар ҷон мо ме нишинад

که این بار بر جان ما می‌نشیند