эй карӣмӣ ки эй ?назарет
ای بزرگی که ز شیرین سخنت
Бар вале ту ҳумоюн омад
عقل از جام نکت می نوشید
Аз паии шарми сахои ту ҳубоб
بهتر از مدح تو کس ننویسد
Чун арақ бар рух Ҷайҳун омад
خوشتر از لفظ تو کس ننیوشید
Қуббаи ҳафтум бо рифъати хеш
چاکر از دوری درگاه تو صدر
Пеши қадари ту чу ҳомӯн омад
هم بجانت که ز جان بخروشید
Чарх дар хӯн адуят шуд азон
مانعی هست مر او را در پیش
Субҳ бо ҷомаи пар хӯн омад
که بسی از پی دفعش کوشید
Банда гар кард бхдмти тақсир
آسمان کرد نثار اختر خویش
То нгўӣии ту ки бас дун омад
چون رهی خلعت خاصت پوشید
Монеъӣ буд мар ӯро зоҳир
گوهر مدح تو اندردل داشت
Бишинав ин узр ки мавзун омад
کز مسامش همه بیرون جوشید