Ваа ки боз аз кафи ман доман мақсӯд бирафт

وه که باز از کف من دامن مقصود برفت

Ёри дайри омада аз пеши назар зуд бирафт

یار دیر آمده از پیش نظر زود برفت

Тан ки озурдаи теғи ситамаш буд бимонад

تن که آزرده تیغ ستمش بود بماند

Ҷон ки овезаи банди камараш буд бирафт

جان که آویزه بند کمرش بود برفت

Ваъда мекард ки дигар нарӯм роҳи фироқ

وعده می کرد که دیگر نروم راه فراق

То чаҳ кардам ки на бар мӯҷиб мавъӯд бирафт

تا چه کردم که نه بر موجب موعود برفت

Дил ки аз хӯни рухам андӯд бирав гӯ ки хушам

دل که از خون رخم اندود برو گو که خوشم

Ки ба бозори ғами он қалб зарандуд бирафт

که به بازار غم آن قلب زراندود برفت

Буд хўшнўдиши он каз ғам ӯ ҷон бидиҳам

بود خوشنودیش آن کز غم او جان بدهم

Ллаҳи алҳмди казин ғмздаҳ хўшнўд бирафт

لله الحمد کزین غمزده خوشنود برفت

Хабари фурқат ӯ дод ва шуд овораи рақиб

خبر فرقت او داد و شد آواره رقیب

Зад ба вайронаи мо оташ ва чун дӯд бирафт

زد به ویرانه ما آتش و چون دود برفت

Ҷгарӣ шуд рухи ҷомӣ ки зи ғами коҳӣ буд

جگری شد رخ جامی که ز غم کاهی بود

Баси каш аз дидаи сиришк ҷигаролӯд бирафт

بس کش از دیده سرشک جگرآلود برفت