Шаби ман рӯз дар канор гирифт

شب من روز در کنار گرفت

Машки кофурро бабор гирифт

مشک کافور را ببار گرفت

Шомро субҳдам ҳзмт кард

شام را صبحدم هزمت کرد

Лашкари рӯм Зангбор гирифт

لشکر روم زنگبار گرفت

Оризам аз сияҳ гарӣ бигурехт

عارضم از سیه گری بگریخت

Хуии чархи сипед кор гирифт

خوی چرخ سپید کار گرفت

Пери пунбаи сети умрро перӣ

پیر پنبه ست عمر را پیری

Зон серуми шакли пунба зор гирифт

زان سرم شکل پنبه زار گرفت

Яди Байзои Мӯсавӣ ногоҳ

ید بیضای موسوی ناگاه

Сару риши ман устувор гирифт

سر و ریش من استوار گرفت

Ранг рӯем зи бим марг бирафт

رنگ رویم ز بیم مرگ برفت

Мӯем ӯро ба зинҳор гирифт

مویم او را به زینهار گرفت

Мори песаи сети мӯии ман ки азу

مار پیسه ست موی من که ازو

Табъи ман нафратӣ ҳазор гирифт

طبع من نفرتی هزار گرفت

Пас ман он содаи табъ ънқраҳ ам

پس من آن ساده طبع عنقره ام

Ки ба дастами замона мор гирифт

که به دستم زمانه مار گرفت

Гар зарурат буд шаби обистан

گر ضرورت بود شب آبستن

Пас шаби ман буруз бор гирифт

پس شب من بروز بار گرفت

Чун набад рӯзгори икрнгӣ

چون نبد روزگار یکرنگی

Мӯии ман ранг рӯзгор гирифт

موی من رنگ روزگار گرفت

Рӯзу шабро сабаби дўрнгӣ буд

روز و شب را سبب دورنگی بود

Ки ҳамаи халқи азу шумор гирифт

که همه خلق ازو شمار گرفت

Дар шаби меҳнатам ки рӯзи умед

در شب محنتم که روز امید

Аз сиёҳяши ранг қор гирифт

از سیاهیش رنگ قار گرفت

Бар серуми перӣ атшӣ афрӯхт

بر سرم پیری اتشی افروخت

Ки азуи ҷони ман шарор гирифт

که ازو جان من شرار گرفت

Лоҷарам ёвагӣандау ғам

لاجرم یاوگیّ انده و غم

Роҳи ин сина фигор гирифт

راه این سینۀ فگار گرفت

Зонкаҳ дар шаб чу равшаноӣ дид

زآنکه در شب چو روشنایی دید

Ёвагии пеш ӯ қарор гирифт

یاوگی پیش او قرار گرفت

Мухтасар кун дило ҳадиси ҳавас

مختصر کن دلا حدیث هوس

Чун шаби умр ихтисор гирифт

چون شب عمر اختصار گرفت