Шоҳои мъзмои малики ашшарқи хсрўо

شاها معظّما ملکُ‌الشّرق خسروا

Ту ҳайдарӣу ҳрзи каён зулфиқор туаст

تو حیدری و حرزِ کیان ذوالفقارِ توست

Ширвон ки зинда карда шамшер туасту бас

شروان که زنده‌کردهٔ شمشیرِ توست و بس

Шмширўор дар кафи дарё шиор туаст

شمشیروار در کفِ دریا‌شعارِ توست

Баҳрӣ ба теғу шахси наҳангон ғариқ туаст

بحری به تیغ و شخصِ نهنگان غریقِ توست

Кӯҳӣ ба гурзу ҷони палангон шикор туаст

کوهی به گرز و جانِ پلنگان شکارِ توست

Ту тоҷи бахши ҷамъи салотину ҳамчуи ман

تو تاج‌بخشِ جمعِ سلاطین و همچو من

Султони тоҷи дори фалаки тавқ дор туаст

سلطانِ تاج‌دارِ فلک طوق‌دارِ توست

Аз осмони хотиру баҳри замири ман

از آسمانِ خاطر و بحرِ ضمیرِ من

Дар дарӣу кавкаби дарӣ нисор туаст

دُرِّ دَری و کوکبِ دری نثارِ توست

Аз даҳри хотири фузалоро мухотира аст

از دهر خاطرِ فضلا را مخاطره است

Хоқонӣ аз мухотира дар зинҳор туаст

خاقانی از مخاطره در زینهارِ توست

Аз баси карам ки дасту забон ту карда анд

از بس کرم که دست و زبانِ تو کرده‌اند

Дастами снонўису забони саҳар кор туаст

دستم ثنانویس و زبان سِحر کارِ توست

Вази бас ки гӯши ман зи забонати лутфи шунӯд

وز بس که گوشِ من ز زبانت لطف شنود

Гӯшами хазинаи хона гўҳрнгор туаст

گوشم خزینه‌خانهٔ گوهرنگارِ توست

Овози алғриқ ба гардун расед аз онк

آوازِ الغریق به گردون رسید از آنک

Ҷонами ғариқи ҳиммати гардун савор туаст

جانم غریقِ همّتِ گردون‌سوارِ توست

Оҳанги дасти бӯс ту дорам вале зи шарм

آهنگِ دست‌بوسِ تو دارم ولی ز شرم

Ларзони танам чу роят хўршидўор туаст

لرزان تنم چو رایتِ خورشیدوارِ توست

Хоҳам ки чашми бркнму сари бароварам

خواهم که چشم برکُنم و سر برآورم

Аммо чаҳ суди чашму серум шармсор туаст

امّا چه سود چشم و سرم شرمسارِ توست

Чун чашми бркнм ? ки серуми зер пой туаст

چون چشم برکنم؟ که سرم زیرِ پای توست

Чун сари бароварам ? ки серуми зер бор туаст

چون سر برآورم؟ که سرم زیر بارِ توست

Ширвон ба рӯзгори ту умедвори бод

شروان به روزگارِ تو امّیدوار باد

Коқболи рӯзгори ҳам аз рӯзгор туаст

کاقبالِ روزگار هم از روزگارِ توست