Мақолати аввал : дар таҳзиби ахлоқ ва он муштамили брдў қисмаст .

مقالت اول: در تهذیب اخلاق و آن مشتمل بردو قسم است.

Қисми аввал : дар мабодӣ , ва он муштамили брҳФт фасласт .

قسم اول: در مبادی، و آن مشتمل برهفت فصل است.

Фасли аввал : дар маърифати мавзӯу мабодии ин навъ .

فصل اول: در معرفت موضوع و مبادی این نوع.

Фасли дувум : дар маърифати нафаси инсонӣ ки онро нафас нотиқа хонанд .

فصل دوم: در معرفت نفس انسانی که آن را نفس ناطقه خوانند.

Фасли сим : дар таъаддӣади қӯтҳои нафаси инсонӣу тмиизи он аз дигари қавӣ .

فصل سیم: در تعدید قوتهای نفس انسانی و تمییز آن از دیگر قوی .

Фасли чаҳорум : дар онкии инсони ашрафи мавҷӯдоти ин оламаст .

فصل چهارم: در آنکه انسان اشرف موجودات این عالم است.

Фасли панҷум : дар баёни онкии нафаси инсониро камолӣ ва нақсоне ҳаст .

فصل پنجم: در بیان آنکه نفس انسانی را کمالی و نقصانی هست.

Фасли шашум : дар баёни онкии камоли нафас дар чисту касри касоне ки мухолифат ҳақ кардаанд дар он боб .

فصل ششم: در بیان آنکه کمال نفس در چیست و کسر کسانی که مخالفت حق کرده اند در آن باب.

Фасли ҳафтум : дар баёни хайру саодат ки матлӯб аз расӣдан ба камол онаст .

فصل هفتم: در بیان خیر و سعادت که مطلوب از رسیدن به کمال آنست.

Қисми дувум : дар мақосид , ва он муштамил бар даҳ фасласт .

قسم دوم: در مقاصد، و آن مشتمل بر ده فصل است.

Фасли аввал : дар ҳаду ҳақиқати халқу баёни онкии тағйири ахлоқ мумкинаст .

فصل اول: در حد و حقیقت خلق و بیان آنکه تغییر اخلاق ممکن است .

Фасли дувум : дар онкии саноати таҳзиби ахлоқи шарифтарин сноъотст .

فصل دوم: در آنکه صناعت تهذیب اخلاق شریفترین صناعاتست.

Фасли сим : дар онкии аҷноси фазойил ки макорими ахлоқи иборат азонаст чандаст .

فصل سیم: در آنکه اجناس فضایل که مکارم اخلاق عبارت ازان است چند است.

Фасли чаҳорум : дар анвоъӣ ки таҳти аҷнос фазойил бошад .

فصل چهارم: در انواعی که تحت اجناس فضایل باشد.

Фасли панҷум : дар ҳасри аздоди он аҷнос ки асноф рзоил бошад .

فصل پنجم: در حصر اضداد آن اجناس که اصناف رذایل باشد.

Фасли шашум : дар фарқи миёни фазойилу ончии шабиҳи фазойил буд аз аҳвол .

فصل ششم: در فرق میان فضایل و آنچه شبیه فضایل بود از احوال.

Фасли ҳафтум : дар баёни шарафи адолат бар дигари фазойилу шарҳи аҳволу ақсоми он .

فصل هفتم: در بیان شرف عدالت بر دیگر فضایل و شرح احوال و اقسام آن.

Фасли ҳаштум : дар тартиби иктисоби фазойилу маротиби съодот .

فصل هشتم: در ترتیب اکتساب فضایل و مراتب سعادات.

Фасли нуҳум : дар ҳифзи сиҳҳати нафас ки он бар муҳофизати фазойили мқсўр буд .

فصل نهم: در حفظ صحت نفس که آن بر محافظت فضایل مقصور بود.

Фасли даҳум : дар муъолиҷати амрози нафас ва он бар азолти рзоили муқаддар буд .

فصل دهم: در معالجت امراض نفس و آن بر ازالت رذایل مقدر بود.

Мақолати дувум : дар тадбири манозил ва он панҷ фасласт .

مقالت دوم: در تدبیر منازل و آن پنج فصل است.

Фасли аввал : дар сабаби эҳтиёҷ ба манозилу маърифати арқону тақдими муқаддамоти он .

فصل اول: در سبب احتیاج به منازل و معرفت ارکان و تقدیم مقدمات آن.

Фасли дувум : дар маърифати сиёсату тадбири амволу ақўот .

فصل دوم: در معرفت سیاست و تدبیر اموال و اقوات.

Фасли сим : дар маърифати сиёсату тадбири аҳл .

فصل سیم: در معرفت سیاست و تدبیر اهل.

Фасли чаҳорум : дар маърифати сиёсату тадбири авлоду тأдиби эшон .

فصل چهارم: در معرفت سیاست و تدبیر اولاد و تأدیب ایشان.

Фасли панҷум : дар маърифати сиёсату тадбири хадаму убайд .

فصل پنجم: در معرفت سیاست و تدبیر خدم و عبید.

Мақолати сим : дар сиёсати мдн ва он ҳашт фасласт .

مقالت سیم: در سیاست مدن و آن هشت فصل است.

Фасли аввал : дар сабаби эҳтиёҷ ба тамаддуну шарҳи моҳияту фазилати ин илм .

فصل اول: در سبب احتیاج به تمدن و شرح ماهیت و فضیلت این علم.

Фасли дувум : дар фазилати муҳаббат ки иртибот иҷтимоъот бидон буду ақсоми он .

فصل دوم: در فضیلت محبت که ارتباط اجتماعات بدان بود و اقسام آن.

Фасли сим : дар ақсоми иҷтимоъоту шарҳи аҳволи мдн .

فصل سیم: در اقسام اجتماعات و شرح احوال مدن.

Фасли чаҳорум : дар сиёсати малику одоби мулӯк .

فصل چهارم: در سیاست ملک و آداب ملوک.

Фасли панҷум : дар сиёсати хизмату одоби атбоъи мулӯк .

فصل پنجم: در سیاست خدمت و آداب اتباع ملوک.

Фасли шашум : дар фазилати садоқату кайфияти муошират бо асдқо .

فصل ششم: در فضیلت صداقت و کیفیت معاشرت با اصدقا.

Фасли ҳафтум : дар кайфияти муошират бо аснофи халқ .

فصل هفتم: در کیفیت معاشرت با اصناف خلق.

Фасли ҳаштум : дар васоёии мансӯб ба афлотӯн , нофеъ дар ҳамаи абвоб ,у хатми китоб барон карда ояд . Ва биллоҳи алтўФиқ .

فصل هشتم: در وصایای منسوب به افلاطون، نافع در همه ابواب، و ختم کتاب برآن کرده آید. و بالله التوفیق.

Ва пеш аз хавз дар матлӯб мегӯйем ончӣ дар ин китоб таҳрир меуфтад аз ҷавомеъи ҳикмати амалӣ , бар сиблати нақлу ҳикояту тариқи ахбору ривоят аз ҳукамои мутақаддим ва мтأхр бозгуфта меояд беонкӣ дар таҳқиқи ҳақу ибтоли ботил шурӯӣ равад , ё ба эътибори муътақиди тарҷеҳи роӣӣу тзииФи мазҳабӣ хавз карда шавад пас агар мтأмлро дар нуктае иштибоҳӣ уфтад ё масъалаеро маҳали эътирози шимурд бояд ки донад муҳаррири он соҳиби ӯҳдаи ҷавобу зомини асткшоФ аз ваҷҳ савоб нест ; ҳамгинонро аз ҳазрати илоҳӣ ки манбаи файзи раҳмату масдари нур ҳидоятаст тавфиқи астршод май бояд хост ,у ҳиммат бар идроки ҳақи ҳақиқӣу таҳсили хайри куллӣ муқаддар медошт , то ба матолиби ҷовдонӣу мақосиди ду ҷаҳонӣ барисанд валлоҳ вале алФзлу мулҳами алъқл , манеҳ алмбдأу илайҳи алмнтҳӣ .

و پیش از خوض در مطلوب می گوییم آنچه در این کتاب تحریر می افتد از جوامع حکمت عملی، بر سبیل نقل و حکایت و طریق اخبار و روایت از حکمای متقدم و متأخر بازگفته می آید بی آنکه در تحقیق حق و ابطال باطل شروعی رود، یا به اعتبار معتقد ترجیح رائی و تزییف مذهبی خوض کرده شود پس اگر متأمل را در نکته ای اشتباهی افتد یا مسأله ای را محل اعتراض شمرد باید که داند محرر آن صاحب عهده جواب و ضامن استکشاف از وجه صواب نیست؛ همگنان را از حضرت الهی که منبع فیض رحمت و مصدر نور هدایت است توفیق استرشاد می باید خواست، و همت بر ادراک حق حقیقی و تحصیل خیر کلی مقدر می داشت، تا به مطالب جاودانی و مقاصد دو جهانی برسند والله ولی الفضل و ملهم العقل، منه المبدأ و الیه المنتهی.