Дил аз муҳаббати дунё ва охират бурдор

دل از محبت دنیا و آخرت بردار

Башу бошаки ниёз ва ба байни бтлъти ёр

بشو باشک نیاز و به بین بطلعت یار

То чу зулф аз рухи зебои ту сар бар гирдем

تا چو زلف از رخ زیبای تو سر بر گردیم

Сифат аз зоти ту ҳаргиз нашавад моили ёр

صفت از ذات تو هرگز نشود مایل یار

Бҳўои қади сарви ту чу дар хок рӯем

بهوای قد سرو تو چو در خاک رویم

Сар барорем бмҳри ту чу гул аз гули ёр

سر برآریم بمهر تو چو گل از گل یار

Фоили мутлақи мо ӯаст аён май байнам

فاعل مطلق ما او است عیان می بینم

Ҳар чаҳ хоҳад бикунади хотири он фоили ёр

هر چه خواهد بکند خاطر آن فاعل یار

Он амонат ки худои арз бошё мекард

آن امانت که خدا عرض باشیا میکرد

Ҳолк омад ҳамаи худ буд бар он ҳоили ёр

هالک آمد همه خود بود بر آن حایل یار