Ишқати киштам ки ғами дурудами шабу рӯз
عشقت کشتم که غم درودم شب و روز
Ҷони костам ва ранҷ фузудам шабу рӯз
جان کاستم و رنج فزودم شب و روز
Дилро ба ҳавои бёзмўдми шабу рӯз
دل را به هوا بیازمودم شب و روز
Бедил будам ки бе ту будам шабу рӯз
بی دل بودم که بی تو بودم شب و روز