Ёди шаби васли он маи меҳри афрӯз

یاد شب وصل آن مه مهر افروز

Равшан кунадам хонаи андеша чу рӯз

روشن کندم خانه اندیشه چو روز

Як ҷуръа май васли бъмрии зини пеш

یک جرعه می وصل بعمری زین پیش

Нӯшедам ва ёдаш кунадам маст ҳануз

نوشیدم و یادش کندم مست هنوز